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जागो क्षत्रियों जागो.........

अपने हक पर मौन रहने वाला सदा ही रोया है !!
राजवंशो की उदारता ने ही, आज अपने रजवाडों को खोया है !!
हे क्षत्रिय तू तोड़ दे ये मौन, चाहे संविधान भी विरूद्ध हो !!
कि अब क्षत्रिय हित के लिए एक राजनीतिक धर्मयुद्ध हो !!!!!!!!!!!
हे क्षत्रिय! तू मौन क्यू खडा है? तेरा मिट रहा अस्तित्व है !!
क्षत्रियो की धरा पे देखो, लुट रहा क्षत्रित्व है !!
तू क्यूं है चुप सनातनी, अब तो जरा क्रुद्ध हो !!
कि अब क्षत्रिय हित के लिए एक राजनीतिक धर्मयुद्ध हो !!!!!!!!!
अपने हक के लिए हथियार ना उठाओगे !!
आने वाली पीढियों को क्या मुंह दिखाओगे !!
क्षत्रिय विरोधियों के रक्त से, ये धरा अब शुद्ध हो !!
कि अब क्षत्रियहित के लिए एक राजनीतिक धर्मयुद्ध हो !!!!!!!!!
राजमहल छिन रहे थे तेरे, तू तब भी चुप बैठा था !!
जन सरकारे रामराज्य लायेगी, ये क्यूं सोच बैठा था !!
क्षत्रिय त्याग को ये भूल जायेंगे, तू स्वयं लोकतंन्त्र विरूद्ध हो !!
कि अब क्षत्रियहित के लिए एक राजनीतिक धर्मयुद्ध हो !!!!!!!!!!

__!! जय जय क्षात्र धर्म !!__
__!! जय जय राजपूताना !! __

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