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वास्तविक क्षत्रिय कौन है ??

वास्तविक क्षत्रिय कौन है ?असली क्षत्रिय वही है जो मन से आंतरिक युद्ध लड़े,इन्द्रियों के विषयों से विवेक और दृढ इच्छा शक्ति के द्वारा लड़े और मन को पूरी तरह से नियंतार्ण में कर ले |असली क्षत्रिय वह है जी रज,तम ,कुत्सित विचार और कुत्सित संस्कारों से लड़े,अपने अन्दर सतो गुण का विकास करे और उसे जागृत करे |असली क्षत्रिय वह है जिसका शास्त्र है उसकी दृढ इच्छा शक्ति और अस्त्र है उसका विवेक :उसका युद्ध-क्षेत्र उसी के भीतर है |विवेक,वैराग्य और मुमुक्षत्व जैसे गुण उसकी ढाल है |
-छान्दोग्य उपनिषद

राजपूत के घर में जन्‍म लिया हुआ प्रत्‍येक व्‍यक्ति क्‍या "क्षत्रिय" है ? क्‍या जाति मात्र किसी के क्षत्रिय कहलाने के लिए काफी है ! शायद नही .... "क्षत्रिय" शब्‍द इतने विशाल कर्म ब उदेश्यों से जुडा है कि इसे शब्दों मे परिभाषित करना असम्‍भव है , क्षत्रिय जन्‍म से नही बल्कि कर्म से होता है , व्‍यक्तिगत र्स्‍वाथ पूर्ति को किनारे कर सम्‍पूर्ण समाज व संसार के सभी वर्गो के हितो कि रक्षा के लिए प्रयत्‍नशील व्‍यक्ति ही सही मायने में क्षत्रिय है ,अर्थात जब आपको ऐसी जाति मे जन्‍म लेने का सौभाग्‍य प्राप्‍त हुआ है जहां आप क्षत्रिय कहला सके तो सदा अपने से निम्‍न वर्ग को साथ लेकर चलो तथा जब भी किसी अत्‍याचार व अन्‍याय के खिलाफ खडे होने कि बात हो तो सदैव अग्रिम पक्तिं में नजर आएं !

क्षत्राणी कुँवरानी निशा कँवर

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